Gurugram District Haryana History and GK

गुरुग्राम (पूर्व नाम गुड़गांव) हरियाणा का एक नगर है जो की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटा हुआ है। गुरुग्राम राज्य हरियाणा का छठा सबसे बड़ा शहर है। गुरुग्राम हरियाणा का ओधयोगिक और वटीया केंद्र है। गुरुग्राम भारत की राजधानी दिल्ली से 30 किमी. डर है। द्वारका से 20 किमी, चंडीगढ़ से 168 किमी, दूर है। गुरुग्राम दिल्ली के चार प्रमुख सहारा में से एक है। या राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का एक हिसा है। याहा दिल्ली से राष्ट्रीय राजमार्ग या दिल्ली मेट्रो के मध्यम से सीमा सांझा करता है।

गुरुग्राम 2011 में 8,76,969 की जनसंख्या के साथ फरीदाबाद के बाद हरियाणा का दसरा सर्वाधिकारिक जनसंख्या वाला सहर है। याहा दिल्ली के प्रमुख उपग्रह नगरों में से एक है। चंडीगढ़ या मुंबई के बबाद या भारत का तीसरा सबसे ज्यादा पर-व्यक्ति आय वाला सहारा है। गुरुग्राम की प्रचलिट भाषा हरियाणवी, पंजाबी या हिंदी है। गुरुग्राम का दरभाष कोड 0124 है। याहा के वाहन का पंजिकरण एचआर-26 (नगर), एचआर-55 (वनिजीयक) से होता है। गुरुग्राम भारत का एक मातृ पहला ऐसा सहर है जिसके प्रार्थना घर में बिजली की पूर्ति होती है। पिचले 25 सैलून में गुरुग्राम ने बहुत तेजी से प्रगति की है। या अपने आपको को दुनिया के नक्शे पर स्थिति किया।

व्युतपट्टी :- 

गुरुग्राम का नाम हिंदू ग्रंथो में भी मिलता है। गुरुग्राम गांव जो की सहर के एकदम मध्य में है गुरु द्रोणाचार्य का गांव है। याही पर गुरु द्रोणाचार्य ने कौरवों या पांडवों को शिक्षा दी थी। पांडव या कौरव हिंदू ग्रंथ महाभारत के पत्र है। गुरु द्रोण चर्या को गुरुग्राम कौरवों वी पांडवोन ने ऊपर के रूप में दिया था। जो की ऋषि भारद्वाज के पुत्र थे इसलिये गुरुग्राम को गुरु द्रोणाचार्य के नाम से भी जाना जाता है। महाभारत में दर्शन ग्या कुवन जिसमे पंवों की गेंद चली गई थी आज भी गुरु द्रोणाचार्य महा विद्यालय के एंडर मोजुद है।
महान गुरु भक्त एकलव्य का भी गुरुग्राम से गहरा संबंध है। इसी स्थान पर गुरु द्रोणाचार्य ने एकलव्य से अंगुठा मांगा था।

इतिहास:

गुरुग्राम पर हमेश से दिल्ली पर राज करने वाले राजाओं का ही अधिकार रहा है। जैसे की राजपूत, यदुवंशी, मुगल, मराठा आदि। मुगल काल में यह आगा सूबे में, जबकी ब्रिटिश काल में दिल्ली जिले का भाग था। 1150 के दसक तक गुरुग्राम एक छोटा सा गांव था। जहां की अर्थवस्था कृषि पर आधार थी। या आस पास के क्षेत्रों की मुताबिक याहा की मिट्टी की गुणवत्ता भी खराब थी। इस करण यहां भूमि हिम्मत काम थी।इसका लाभ उठाकर कॉम्पिनियो ने 80 या 90 के दसक में यहां ओडीगिक क्षेत्र स्थापित करना श्रु किया। जिसके बाद गुरुग्राम का विकास होने लगा या आज गुरुग्राम औद्योगिक क्षेत्र के नाम से भी जाना जाता है।

कृषि: - 

गेहुं, तिलहन, बाजरा, ज्वार या डालहन यहा की मेहतावपुराण फासलेन है।

पर्यटन:- 

हरियाणा राज्य का जिला गुड़गांव (बदला हुआ नाम गुरुग्राम) बहुत ही खूबसूरत स्थान है। गुरुग्राम में शीतला माता का मंदिर बहुत प्रसिद्ध है। यहां देश विदेश से प्रयातक शीतला माता की पूजा करने के लिए आते हैं। शीतला माता मंदिर के लावा भी यहां पर्यटक यहां पर काई प्रयातक स्टालों की सहर कर सकते हैं जैसे की साइबर हब, किंगडम ऑफ दीमून, दमदमा झिल, फनपुर और भोजन गांव आदि

विकास

गुरुग्राम का कुछ दिनो में जबर्दस्त उदयोगीकरण हुआ है। याहा पर काई बहुराष्ट्रीय कंपनियों के करने के लिए स्टेपिट किए गए हैं। इसके अलावा गुरुग्राम को आरटी सेक्टर का गड भी कहा जाता है। गुरुग्राम ने कुछ ही समय में जबर्दस्त प्रगति की है। या हरियाणा सरकार ने इसे नई ऊंचाइयां तक ले जाने के लिए यहां नई परियोजनाएँ श्रु करने की कोशीश कर रही है। गुरुग्राम को साइबर सिटी के रूप में नई पहचान मिल रही है।


 

Specially thanks to Post Author - Manisha


0 Comments

Leave a Reply Cancel

Add Comment *

Name*

Email*

Website