RAS ART AND CULTURE QUIZ 09

RAS ART AND CULTURE QUIZ 09

Q-1.. रमकड़ा उद्योग स्थित है??
A- तलवाड़ा- बांसवाड़ा
B- गलियाकोट- डूंगरपुर
C- थानागाजी -अलवर
D -जेठाना-  डूंगरपुर

B-गलियाकोट- डूंगरपुर(  इस स्थान पर सोप स्टोन से मूर्तियां बनाई जाती है  इस उद्योग को रगड़ा उद्योग के नाम से जाना जाता है इस कला के प्रवर्तक रहमत अली  बोहरा को माना जाता है) ?✔

Q-2.. भरतपुर के नोह नामक स्थान पर मुगल कालीन जोख बाबा की विशाल मूर्ति कब मिली थी??
A-  1890 में
B- 1922 में
C- 1933 में
D- 1786 मे

C-1933में(1933 में भरतपुर के नौह  नामक स्थान पर  मुगलकालीन  जोख  बाबा की विशाल मूर्ति मिल।  यह यक्ष प्रतिमा राजस्थान की भारतीय मूर्ति विज्ञान में एक अनुपम  भेट  मानी जाती है )?✔

Q-3.. 17 और 18 वीं सदी में किस संप्रदाय से प्रभावित मूर्तिकला का विकास हुआ था??
A- नाथ संप्रदाय
B- गौडीय संप्रदाय
C- वल्लभ संप्रदाय
D- रामानंदी संप्रदाय

C-वल्लभ संप्रदाय( 17 और 18 वीं सदी में वल्लभ संप्रदाय से प्रभावित मूर्तिकला का विकास हुआ श्रीनाथजी (नाथद्वारा), द्वारकाधीश (कांकरोली), भुवनेश जी( कोटा), गोविंद देव जी (जयपुर ), दाड़जी(बीकानेर), मदन मोहन (करौली) आदि सभी मूर्तियां वृंदावन से लाई गई थी) ?✔

Q-4.. राजस्थान में मुगल काल के समय मूर्तियों का गढ़ था??
A- किशनगढ़ -अजमेर
B- झालरापाटन- झालावाड
C- आमेर -जयपुर
D- मोलेला -राजसमंद

C-आमेर- जयपुर( मुगल काल में आमेर मूर्तियों का गढ़ था वर्तमान में भी जयपुर  संगमरमर की उत्कृष्ट और आकर्षण मूर्तियों और पत्थर की कलाकृतियों के लिए विशेष में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है )?✔

Q-5.. प्राचीन माधुर्य और कोमलता के साथ साथ शक्ति,शोर्य और आयुध धारण का मिश्रण किस काल की मूर्तियों में पाया जाता है??
A- शुंग काल
B- मुगल काल
C- गुप्तकाल
D- प्रतिहार काल

D-प्रतिहार काल(  प्रतिहार कालीन मूर्तियों में प्राचीन माधुर्य और कोमलता के साथ साथ उन में शक्ति ,शौर्य और आयुध धारण  का मिश्रण हुआ है पौराणिक कथाओं पर आधारित मूर्तियों द्वारा मनुष्य जाति के शोर्य पक्ष को उभारा गया और युगल मूर्तियों द्वारा मानव जीवन के श्रंगार पक्ष का अंकन किया गया )?✔

Q-6.. प्रतिहार कालीन मूर्तियों में किस काल की मूर्तिकला का प्रभाव है??
A- गुप्तकाल
B- मौर्य काल
C- मुगल काल
D- शुंग काल

A- गुप्तकाल(  गुप्तकाल  की मूर्तियां राजस्थान में रंग महल ,भरतपुर, बैराठ, रेढ, कल्याणपुर ,डूंगरपुर आदि स्थानों से शिव, विष्णु , यक्षी   आदी की मूर्तियां प्राप्त हुई है इस युग में तोरणद्वार भी निर्मित होने लगे जिन पर पक्षी, लता ,  सर्प, पशु और पौराणिक कथाओं के दृश्य उकेरे जाते थे )?✔

Q-7.. राजस्थान में किस स्थान से प्राप्त हुई मूर्तियों में दानशीलता, गोवर्धन धारण, पायल से विभूषित नारी का पाव,  स्त्री पुरुष के मस्तक और पक्षियों की आकृतियां विशेष रुप से दर्शनीय है??
A- रंगमहल- बीकानेर
B- बाडोली-  चित्तौड़
C- ओसियां -जोधपुर
D-सिरीयारी- पाली

A-रंगमहल -बीकानेर (रंगमहल से प्राप्त  अन्य मूर्तियां जिनमें  पशु और वनस्पति आकृतियां ,नर-नारी के विभिन्न स्वरूप ,उनके विविध परिधान और आभूषण घुंगराले बाल ,तनी हुई मूछे,  सजीवता और स्वभाविकता के अच्छे उदाहरण है इस काल (ईसा पूर्व दूसरी शताब्दी) में बनी भगवान बुद्ध ,महावीर, शंकर और कृष्ण मूर्तियां भी मिली है जो मृण्मयी और पत्थरों की है )?✔

Q-8.. राजस्थान के आभानेरी अटरू आबू नागदा चित्तौड़ किराडू ओसिया नागदा सीकर आदि से किस काल की मूर्तियां प्राप्त हुई है??
A- शुंग काल
B- मौर्य काल
C- मुगल काल
D- प्रतिहार काल

D-प्रतिहार काल( देवी देवताओं की आभानेरी ,अटरू, आबू ,नागदा ,चित्तौड़ ,किराडू, ओसिया, सीकर आदि से प्रतिहार कालीन मूर्तियां मिली है  इन स्थानों से प्राप्त मूर्तियों में गुप्तकालीन कला की परंपरा और पूर्व मध्यकाल की नवीन पद्धति का मिश्रण देखने को मिलता है  आभानेरी ,चांद बावड़ी और हर्ष माता मंदिर की मूर्तियों के अवशेष महत्वपूर्ण है  इन मूर्तियों में नागराज दंपति की मूर्तियां बड़ी रोचक है  अटरू के शिव मंदिर के स्तंभ में अंकित पार्वती की मूर्ति दुर्लभ मूर्तियों में एक है )?✔

Q-9.. कौन से मंदिर जालियां ,बेल-बूटे और अन्य ज्यामितीय  अलंकरण  की दृष्टि से सर्वाधिक महत्वपूर्ण है??
A- सास बहू का मंदिर
B- दिलवाड़ा मंदिर
C-  ओसिया के मंदिर
D-अरथुना के मंदिर

B-दिलवाड़ा मंदिर₹सिरोही जिले के आबू पर्वत पर दिलवाड़ा मंदिर में बनी मूर्तियां, जालियां ,बेल बूटे और अन्य ज्यामितीय अलंकरण देखने वालों को आश्चर्य में डाल देते हैं पूरे मंदिर में एक योजनाबद्ध शिल्प का अंकन किया गया है और कोई भी स्थान रिक्त नहीं छोड़ा गया है )?✔

Q-10.. नारी अंकन और प्रेमी युगल के अंकन के लिए कौनसे प्राचीन मंदिर उल्लेखनीय है??
A- बाडोली के शिव मंदिर
B- किराडू के मंदिर
C- पद्मनाभ मंदिर
D- तारकेश्वर मंदिर

A-बाडोली के शिव मंदिर (चंबल नदी के किनारे बाडोली( चित्तौड़  का एक कस्बा) के शिव मंदिर की उत्कीर्ण पट्टिका  पर उत्कीर्ण युगल प्रेमियों का अंकन प्रेम और उल्लास के अद्वितीय  उदाहरण है इस मंदिर का निर्माण छठी सदी में पूर्ण शासक हमीरपुर द्वारा किया गया था मीरपुर शिव का परम भक्त था  यह मंदिर नागर शैली और पंचायत शैली का मिश्रित रूप है )?✔

Q-11.. राजस्थान में स्थित किस मंदिर की तक्षण उल्लेखनीय है यहां पर उत्कीर्ण हाथी, घोड़े और योद्धाओं में शोर्य और गति का अंकन विलक्षण है??
A- सहस्त्र बाहु मंदिर
B- सूर्य मंदिर
C- श्रीनाथ मंदिर
D- रणकपुर जैन मंदिर

A-सहस्त्रबाहु मंदिर₹ इस मंदिर को स्थानीय भाषा में सास बहू मंदिर भी करते हैं यह उत्कीर्ण हाथी, घोड़े और योद्धाओं में  शोर्य और गति का अंकन विलक्षण है पक्षी की पुतली सौंदर्य का साक्षात सागर लिए विराजमान है यह मंदिर नागदा उदयपुर में अवस्थित है यह विष्णु मंदिर है इस मंदिर का निर्माण 10 वीं सदी में माना जाता है) ?✔

Q-12.. ओसिया के मंदिरों में नारी का अंकन किस प्रकार किया गया है??
A- बिना आभूषणों के नारी का अंकन
B- अलस भाव से अंगड़ाई लेती हुई नारी का अंकन
C- पृथ्वी और राहु को दबाती हुई नारी का अंकन
D- उपरोक्त सभी

D-उपरोक्त सभी(ओसिया के एक मंदिर में एक आभिर कन्या (बिना आभूषण के) का अंकन किया गया है बिना आभूषणों के उत्कीर्णत  इस मूर्ति के चेहरे की सरलता और उसकी कोमलता देखते ही बनती है  एक मंदिर में त्रिविक्रम की मूर्ति  पृथ्वी  और राहु को दबाती हुई बनाई गई है एक वेदिका पर अंकित नारी वृक्ष के नीचे अलस स्वभाव से अंगड़ाई लेती हुई दिखाई गई है जो अपनी क्षीण  कटी और पीन स्तनों से देवताओं को भी वश में करने में समर्थ है )?✔

Q-13.. अलवर की पारा नग और कोटा की रामगढ़ की मूर्तियों में किस काल की कला का प्रभाव है??
A- प्रतिहार काल
B- राजपूत काल
C- मुगल काल
D- गुप्तकाल

D-गुप्तकाल( गुप्तकालीन कला का प्रभाव अलवर की  पारा नग  व कोटा की रामगढ़ की मूर्तियों में देखने को मिलता है जिनमें भव्य चेहरे  और मोटे शरीरों का अंकन किया गया है रामगढ़ के देवी देवताओं का  अंकन  मोटा और स्थूल है ?✔

Q-14.. समिद्वेश्वर मंदिर किस काल का है??
A- 11 वीं शताब्दी का
B- 12 वीं शताब्दी का
C- 13 वीं शताब्दी का
D-14वीं शताब्दी का

C-13 वीं शताब्दी का( देवी देवताओं और अप्सराओं की मूर्तियों का अंकन  मूर्तिकला की समृद्धि का घोतक है ।प्रयाण  करने वाली सेनाओं के आयुध और सैन्य उपकरण  उस युग  की सामाजिक अवस्था को प्रदर्शित करते हैं एक पट्टिका में उत्कीर्णत  बेल गाड़ी  गाड़ीवान  सहित  उत्कीर्ण  की गई है। बैल हांकने वाले की मुद्रा कला की पराकाष्ठा जान पड़ती है )?✔

Q-15.. किस शताब्दी के बीतने के साथ राजस्थान की मूर्तिकला मानो थक कर सो जाती है??
A- 14वीं शताब्दी
B- 15 वी शताब्दी
C- 17 वी शताब्दी
D- 19वीं शताब्दी

B-15वींशताब्दी(  15 वी शताब्दी के बीतते-बीतते राजस्थान की मूर्तिकला मानो थक जाती है और तक्षण कला फूल ,बूटो, और ज्यामितीय अंकनो  में विश्राम करने लगती है )?✔

Q-16.. किस शताब्दी में राजस्थान की मूर्ति कला एक बार पुनः अपने पूरे ठाठ-बाट के साथ दिखाई देती है??
A-16वीं  शताब्दी
B-17वीं  शताब्दी
C-18वीं  शताब्दी
D-19वीं  शताब्दी

B-17वीं  शताब्दी(17वीं शताब्दी में राजनगर की 9 चौकियां और उदयपुर के जगदीश मंदिर में एक बार पुनः मूर्तिकला अपने ठाठ के साथ खड़ी होती दिखाई देती है )?✔

Q-17.. बांसवाड़ा जिले के किस गांव को “”पाण वारु गांव””  अथवा “”पत्थरों वाला गांव”” कहा जाता है??
A- तिलवाड़ा
B- पिपलखुट
C- कुशलगढ़
D- घाटोल

A-तलवाड़ा( बांसवाड़ा जिले का तिलवाड़ा गांव शिल्प कला का प्रमुख केंद्र रहा है यहां पाषाणो में जान फूंकने वाले शिल्पियो की वजह से इसे पाण वारु गाम अथार्त पत्थरों  वाला गांव कहा जाता है )?✔

Q-18.. वागड़ में अधिकतर मूर्तियां पारेवा पत्थर से बनती है यह पत्थर राजस्थान के किस जिले से निकलता है??
A- अजमेर
B- नागौर
C- धौलपुर
D- डूंगरपुर

D-डूंगरपुर(वागड में अधिकतर मूर्तियां पारेवा पत्थर से बनती है यह पत्थर डूंगरपुर जिले में देवल की खान से निकलता है मूर्ति और मंदिर होकर अत्याधिक बाहुल्य के कारण वाग्वर  प्रदेश को मंदिरों का महा धाम कहा गया है यहां  सोमपुरा जाति के लोग  मूर्तिकला के सिद्धहस्त शिल्पी हैं )?✔

Q-19.. तूडिया हस्तशिल्प कला प्रसिद्ध है??
A- धौलपुर जिला
B- डूंगरपुर जिला
C- बाड़मेर जिला
D- चित्तौड़गढ़ जिला

A-धौलपुर जिला( धौलपुर जिले की राजाखेड़ा पंचायत समिति के अंतर्गत आने वाली  ग्राम पंचायत मछरिया  के आसपास के कई गांवों का तूड़िया  हस्तशिल्प प्रसिद्ध है  तुड़िया शिल्प में बनाए जाने वाले नकली  गहने आकर्षक और कलात्मक होते हैं इन पर स्टील की पॉलिश हो जाने पर यह चांदी के चमचमाते हुए जेवरों की तरह लगते हैं )?✔

Q-20.. गजरा का मकबरा राजस्थान के किस जिले में स्थित है??
A- बीकानेर जिला
B- जयपुर जिला
C- अलवर जिला
D- धौलपुर जिला

D-धौलपुर जिला(  यह मकबरा धौलपुर शहर के बीच नरसिंह  बाग में स्थित इमारत है जिसे धौलपुर रियासत के राजा भगवंत सिंह ने अपनी प्रेमिका  गजरा की याद में (1836-73) में बनवाया था ?✔

Q-21.. किस शैली में निर्मित मूर्तियां भूरे रंग के पत्थर से निर्मित है कुछ काले स्लेटी पत्थर की बनी हुई है??
A-  सैंधव कालीन  शैली
B- मौर्यकालीन  शैली
C-  गांधार शैली
D- गुप्तकालीन शैली

C-गांधार शैली(गांधार शैली में निर्मित मूर्तियां भूरे रंग के पत्थर से निर्मित है कुछ काले स्लेटी पत्थर की बनी हुई है यद्यपि गांधार शैली विदेशी है लेकिन इसकी आत्मा भारतीय है जिसका मुख्य विषय भगवान बुद्ध और बोधिसत्व है )?✔

Q-22.. एक मुख और एक भुजा  किस काल की मूर्तिकला का उत्कृष्ट नमूना है??
A- सल्तनत काल
B- मौर्य काल
C- उत्तर गुप्त काल
D- मुगल काल

B-मौर्य काल( आगरा- मथुरा के मध्य स्थित  परखम ग्राम से प्राप्त एक मुख और  भुजा विहिन मूर्ति इस काल की मूर्तिकला का उत्कृष्ट नमूना है  भुरे बलुआ पत्थर की बनी 7 फुट ऊंचाई वाली इस मूर्ति पर सुंदर  वज्रलेप किया गया है  यह मूर्ति आज भी मथुरा संग्रहालय में रखी  हुई है )?✔

Q-23.. बाघ, एलोरा, एलीफेंटा ,अजंता ,सारनाथ, वैशाली आदि किस काल के प्रमुख मूर्ति कला केंद्र पर??
A- गुप्तकाल
B- उत्तर गुप्त काल
C- सल्तनत काल
D- ब्रिटिश काल

B-उत्तर गुप्त काल(  उत्तर गुप्तकालीन मूर्तिकला  का समय 500 ईसवी से 700 ईसवी तक  माना जाता है गुप्त काल के पश्चात यद्यपि मूर्तिकला की उन्नति रुक सी गई लेकिन फिर भी इस काल में अनेकानेक मूर्तियों का निर्माण हुआ ! बाघ, एलोरा, एलिफेंटा ,अजंता, सारनाथ, वैशाली आदि इस काल के प्रमुख मूर्ति कला केंद्र थे। इस काल की मूर्तियों की विशेषताएं निम्न  थी-  मूर्तियां सजीव और सुंदर हैं भद्दापन कहीं भी नहीं दिखाई देता है मूर्तियां भावपूर्ण है  सारनाथ की मूर्तियां  बौद्ध धर्म से संबंधित है सारनाथ की मूर्तियों में गंभीरता, शांति आदि के भाव दिखाई देते हैं )?✔

Q-24.. सम्राट हर्ष के काल का प्रसिद्ध मूर्ति केंद्र था??
A- राज ग्रह मूर्ति केंद्र
B- अजंता मूर्ति केंद्र
C- लुंबनी मूर्ति केंद्र
D-रथ मूर्ति केंद्र

D-रथ मूर्ति केंद्र(यह सम्राट हर्ष के काल का प्रसिद्ध मूर्ति केंद्र हैं यहां की मूर्तियों की गणना संसार की अद्भुत मूर्तियों में की जाती है इस काल में देवी देवता मनुष्य और जानवरों की सुंदर और सजीव मूर्तियों का निर्माण किया गया) ?✔

Q-25.. किस काल में जगन्नाथ पुरी के मंदिर की मूर्तियां, उड़ीसा मंदिर की मूर्तियां, कोणार्क मंदिर की मूर्तियां ,तंजौर मंदिर की मूर्तियां, विजयनगर की मूर्तियां ,आदि का निर्माण हुआ था??
A- गुप्तकाल
B- सल्तनत काल
C- उत्तर गुप्त काल
D- मोर्य काल

B-सल्तनत काल( 13वीं शताब्दी से 16वी शताब्दी के  तृतीय दशक तक भारत में यद्यपि मुसलमानों का शासन रहा लेकिन  इन राजाओं की प्रजा का एक बहुत बड़ा भाग हिंदुओं का था  मुसलमान बादशाह हिंदुओं के साथ अनुग्रह का बर्ताव करते हैं अपने दरबार में उन्हें उच्च पदों पर आसीन करते थे यही कारण है कि इस काल में मूर्तिकला अपने अस्तित्व में रही जगन्नाथ पुरी के मंदिर की मूर्तियां ,उड़ीसा मंदिर की मूर्तियां ,कोणार्क मंदिर की मूर्तियां, तंजौर मंदिर की मूर्तियां ,विजयनगर की मूर्तियां,  आदी का  निर्माण इस काल में हुआ  इस काल की मूर्तियों में  नवीनता कि छाप स्पष्ट  दर्शित होती है विजयनगर शैली की मूर्तियों में शान्ति ,करुणा, दु:ख के दर्शन होते हैं )?✔

Q-26.. मजूमदार ने किस भव्य रचना को संसार का आठवां महान आश्चर्य का है??
A- अंकोरवाट मंदिर को
B- बोरोबुदुर के स्तूप को
C- बर्मा के आनंद मंदिर को
D- गोल गुंबज को

B-बोरोबुदुर के  स्तूप को(Java स्थित बोरोबुदुर का विशाल बौद्ध स्तूप प्राचीन विश्व की अति उत्कृष्ट रचना है इसका निर्माण शैलेंद्र राजाओं के संरक्षण में 750 से 850 के मध्य हुआ था इस  के नौ  चबूतरों में से 6 वर्गाकार और ऊपर के तीन गोलाकार है  ऊपर के 3 चबूतरो पर  72 स्तूप  निर्मित है जिनकी ताखों में बुद्ध प्रतिमा स्थापित की गई है  नीचे के चबूतरों की दीवारों पर जातक कथाओं और अन्य बौद्ध ग्रंथों के लिए  अनेक दृश्य  का कलापूर्ण अंकन हुआ है  चारों दिशाओं में ऊपर जाने के लिए सीढ़ियां बनाई गई है  बोरोबुदुर की इस भव्य रचना को मजूमदार ने संसार का आठवां महान आश्चर्य कहा है )?✔

Q-27.. किस संग्रहालय में कुषाण की मूर्तियों का संग्रह अधिक मात्रा में है??
A- मथुरा संग्रहालय
B- बीकानेर संग्रहालय
C- जयपुर संग्रहालय
D- टोंक संग्रहालय

A-मथुरा संग्रहालय( मथुरा संग्रहालय में कुषाण की मूर्तियों का संग्रह अधिक मात्रा में है मथुरा कला  का जन्म कनिष्क  के  हुआ था इसमें लाल बलुआ पत्थर का प्रयोग किया गया कुषाण काल में मथुरा कला का प्रसिद्ध केंद्र था वहां के मूर्तिकारों ने बुद्ध की सिंहासनासिन और खड़ी हुई और जैन मूर्तियों का  निर्माण खड्गासन और पद्मासन मुद्रा में किया )?✔

Q-28.. बिना बेगार के किसने सुदर्शन झील का जीर्णोद्धार कराया??
A- चंद्रगुप्त मौर्य
B- रुद्रदामन प्रथम
C- बिंदुसार
D- अशोक

B- रुद्र दमन प्रथम( जूनागढ़ अभिलेख से पता चलता है कि 170 ईसवी में रुद्रदामन ने गिरनार के निकट सुदर्शन झील की मरम्मत बिना बेगार लिए करवाई थी यह झील चंद्रगुप्त मौर्य के आदेश पर उस के राज्यपाल पुष्य  गुप्त वैश्य द्वारा बनाई गई थ)  ?✔

Q-29.. शक संवत प्रत्येक साल की किस तारीख से शुरू होता है??
A- 1 अप्रैल
B- 1 मार्च
C- 22 मार्च
D- 22 अप्रैल

C-22 मार्च(शक संवत  प्रत्येक साल 22 मार्च को शुरू होता है शक संवत में साल में 365 दिन होते हैं  पश्चिमी ग्रेगोरियन कैलेंडर के साथ-साथ शक संवत भारत सरकार द्वारा कार्यलीय  उपयोग लाया जाने वाला अधिकारिक  शक संवत है शक संवत का प्रयोग भारत के गजट प्रकाशन और ऑल इंडिया रेडियो के समाचार प्रसारण कैलेंडर सूचना और संचार किया जाता है )?✔

Q-30.. शक संवत कब लागू हुआ??
A- 57 ईसवी
B- 78 ईसवी
C- 49 ईस्वी
D- 74 ईस्वी

B-78ईसवी(शक संवत भारत का प्राचीन संवत है  जो कुषाण शासक कनिष्क ने अपने राज्य रोहन के उपलक्ष में 78 ईसवी से प्रारंभ किया  शक संवत भारत का राष्ट्रीय कैलेंडर संवत है  इस संबंध की पहली तिथि  चैत्र के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा होती है  500 ईसवी के उपरांत संस्कृत में लिखित सभी ज्योति:शास्त्रीय ग्रंथ शक संवत का प्रयोग करने लगे हैं सबसे प्राचीन शिलालेख जिसमें स्पष्ट रूप से शक संवत का उल्लेख है  चालुक्य वल्लभेश्वर का है  प्राचीन काल में यह संवत भारत में सबसे अधिक प्रयोग किया जाता था शक संवत  भारतीय संवतो में सबसे ज्यादा वैज्ञानिक, सही और त्रुटिहीन है ?✔

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