SIROHI

संभाग-?जोधपुर                                                                                               UPDATE DATE – 01/11/2017

?जिले मे तहसील -5

1.सिरोही  2.शिवगंज   3.रेवदर   4.आबूरोड   5.पिण्डवाड़ा

?जिले मे उपखंड-5-
1.सिरोही  2.शिवगंज   3.रेवदर   4.आबूरोड़  5.पिंडवाड़ा

?जिले मे विधानसभा 3-

1.सिरोही   2.पिण्डवाड़ा-आबूरोड़   3.रेवदर


?जिले के वर्तमान विधायक:-
1.सिरोही:ओटाराम देवासी(भाजपा)
2.पिण्डवाड़ा-आबूरोड़:समाराम गरासिया(भाजपा)
3.रेवदर:जगसीराम कोली(भाजपा)

?:-जिले की वर्तमान जिला प्रमुख-पायल परसरामपुरिया(भाजपा)

✍अतीत के मंजर
:-?इतिहासकार कर्नल जेम्स टॉड के अनुसार सिरोही नगर का मूल नाम”शिवपुरी” था।
:-?सिरोही को प्राचीन साहित्य में अर्बुद प्रदेश कहा गया है
:-मध्यकाल में यहाँ परमारों का राज्य था जिनकी राजधानी “चंद्रावती”थी।


?चंद्रावती नगरी:- इस जगह के बारे में इतिहासकारों का दावा है कि यहां 999 मंदिर रहे हैं।
आबू रोड से सटा चंद्रावती नगरी-9वीं से 14 वीं सदी की चंद्रावती नगरी सभ्यता का गवाह रहा है। नौवीं से लेकर 14 वीं शताब्दी का यह सबसे धनाढय नगर हुआ करता था।

:-?सिरोही क्षेत्र कालान्तर में मौर्य,क्षत्रप,हूण, राठौड़,चौहान और गुहिल आदि शासकों के अधीन रहा।
:-?देवड़ा राजा रायमल के पुत्र शिवभान ने सरवना पहाड़ पर एक दुर्ग की स्थापना की और 1405 ईस्वी में शिवपुरी नामक नगर बसाया।
:-?शिवभान के पुत्र सहसमल ने शिवपुरी के पास एक और नया नगर बसाया(1425 ईस्वी),जिसे आजकल सिरोही के नाम से जाना जाता है।
:-?सिरोही राजस्थान की वह रियासत थी,जिसने सबसे अंत में अर्थात 1823ईस्वी में अंग्रेजों से संधि की।
:-राजस्थान के एकीकरण की प्रकिया में आबू एवं देलवाड़ा को छोड़कर शेष सिरोही को 1950 में छठे चरण के अंतर्गत राजस्थान में मिला लिया गया।
:-आबू एवं देलवाड़ा पुनःराजस्थान के अंग 1नवम्बर,1956 को बने
:-सिरोही का नाम “सिरावना हिल”पर पड़ा।

?भौगोलिक स्थिति-?
क्षेत्रफल:-5136 वर्ग किमी.
ग्रामीण:5013.09 वर्ग किमी.
नगरीय:-122.91 वर्ग किमी.

?स्थिति:-

सिरोही जिला राजस्थान के दक्षिण-पश्चिम में 24°.15’से27°17’उत्तरी अक्षाश एवं72°.16’से73°10’पूर्वी देशांतर के बीच स्थित है.


?सीमा स्थिति:-
:-जिले के उत्तर में पाली, उत्तर -पश्चिम में जालौर जिला,दक्षिण-पूर्व में उदयपुर एवं दक्षिण में गुजरात के बनासकांठा जिले की सीमाएँ लगती है।


?जलवायु-
:-वर्षा का औसत 59.12 सेमी.


?वन क्षेत्रफल:-
:-1598.15 वर्ग किमी.,
आरक्षित वन
क्षेत्र-611.41 वर्ग किमी.,
रक्षित वन क्षेत्र-986.74 वर्ग किमी.


?अभ्यारण्य:-
:-क्षेत्रफल:-288.84वर्ग किमी.
:-माउंट आबू अभ्यारण्य -2008 में स्थापित यह अभयारण्य जंगली मुर्गों के लिए प्रसिद्ध है।
:-गुरु शिखर इसी अभयारण्य मे है 


?मानव संसाधन

?कुल जनसंख्या:-
जनगणना 2011
:-10,36,346(पुरुष-5,34,321,स्त्री-5,02,115)

:-दशकीय वृद्धि-21.8%
:-जनघनत्व-202
लिंगानुपात:-940
:-ग्रामीण लिंगानुपात-951
:-शहरी लिंगानुपात-897


✍साक्षरता-55.3%
:-पुरुष-70.0%
:-महिला-39.7%


?ग्रामीण साक्षरता-49.0%
:-पुरुष-64.6%
:-महिला-32.7%


?शहरी साक्षरता-78.7%
:-पुरुष-89.3%
:-महिला-66.9%

:-जनसंख्या(0-6वर्ष)-1,73,364
:-लिंगानुपात(0-6वर्ष)-897
:-ग्रामीण-904
:-शहरी-863

✍सिरोही जिले की महत्वपूर्ण जानकारियां
?????

?माउंट आबू स्थित स्थल?
✍माउंट आबू-(राजस्थान का शिमला-पर्यटन के रूप में)
(:-राजस्थान का सर्वाधिक आर्द्र स्थल)

?:-आबू पर्वत:राज्य का एकमात्र पर्वतीय पर्यटन स्थल।
?:-नक्की झील: एक लोककथा के अनुसार देवताओं ने अपने नाखूनों से इस झील को खोदा था। एक किमी.क्षेत्र में विस्तृत राज्य की एकमात्र सबसे ऊँची झील,जिसके समीपस्थ पर्वतों पर हाथी, चम्पा एवं रामझरोखा नाम की गुफाएं है।
?टॉड-रॉक:-नक्की झील के समीप एक विशाल शिलाखंड है,जिसकी आकृति मेढ़क जैसी है,इसलिए इसे टॉड-रॉक कहते है।इसके पास घूंघट निकाले स्त्री के आकार की चट्टान है,जो नन-रॉक कहलाती है।

?सनसेट पॉइंट:-नक्की झील के समीप पहाडों के बीच एक ऐसा स्थल है,जहाँ से सूर्यास्त का नयनाभिराम दृश्य दिखलाई पड़ता है।
?हनीमून पॉइंट:-सनसेट पॉइंट के पास ही प्राकृतिक रूप से दो चट्टानें पास-पास खड़ी है,जो कि नव-विवाहितों के लिए कौतूहल उत्पन्न करती है।

?दूध बावड़ी:-अर्बुदा देवी के मंदिर में तलहटी में स्थित,जिसमें प्राचीनकाल में जल के स्थान पर दूध भरा रहता था।


?अर्बुदा देवी का मंदिर:-अधर देवी के नाम से प्रसिद्ध,आबू की अधिस्ठात्री देवी के रूप में पूजी जाती है।

?अचलेश्वर महादेव मंदिर:-
:-ई.सं.813 में निर्मित एक शिव मंदिर है।
नक्की झील से 12 किमी.दूर इस शिव मंदिर में शिवजी की प्रतिमा के स्थान पर उनके पैर का अंगूठा है जिसकी पूजा की जाती है ।यही एक खड्डा है,जो”ब्रम्हा खड्डा”कहलाता है।कहा जाता है कि यह खड्डा पाताल तक जाता है।
मुख्य मंदिर के सामने भगवन शिव के वाहन नन्दी की विशाल पीतल की मूर्ति है ।इस पर अहमदाबाद के बादशाह मोहम्मद बेगड़ा ने ख़जाने के लालच में किये गए प्रहारों के निशान अब तक दिखाई देते है।

?गौमुख एवं वशिष्ठ आश्रम-
:-आबू से 10 किमी.दूर संगमरमर निर्मित गौमुख से निरन्तर जल धारा प्रवाहित होती है।यहीं वह अग्निकुंड है,जहाँ से वशिष्ठ ऋषि ने अग्निवंशी क्षत्रियों-चालुक्य,परमार,प्रतिहार एवं चौहानों को उत्पन्न किया था।यहीं वशिष्ठ के साथ राम एवं कोटेश्वर महादेव आदि स्थल है।
?देलवाड़ा के जैन मंदिर:-
:-यह मंदिर आबू में 3किमी.उत्तर में देलवाड़ा में है।इसका निर्माण विमलशाह ने 1301 ईस्वी मे कराया था।
यह मुख्य मंदिर प्रथम जैन तीर्थंकर आदिनाथ को समर्पित है।
:-दूसरा मंदिर 22वें तीर्थंकर नेमिनाथ को समर्पित है जिसे वास्तुपाल एवं तेजपाल नामक भाइयों ने सन्न 1231 में बनवाया। सफेद संगमरमर का प्रयोग,गर्भगृह,सभामंडप,स्तंभ,देवकुलिकाएँ,हस्थशिला आदि शिल्प सिद्धान्त के अनुरूप है।
यहाँ पाँच जैन मंदिरों का समूह-1.विमलशाही,2.लूणवशाही,3.ऋषभदेव,4.पाश्र्वनाथ व5.महावीर जी है।पाँच श्वेताम्बर जैन मंदिरों के  इस समूह में श्री कुंथुनाथ स्वामी का दिगम्बर जैन मंदिर भी है।


?गौतम आश्रम:-
वशिष्ठ आश्रम के समीप एक आध्यात्मिक आश्रम जहाँ ऋषि गौतम एवं उनकी पत्नी अहिल्या की मुर्तिया स्थापित है।भगवान विष्णु की अतीव सुन्दर प्रतिमा भी है।

?चम्पा गुफा
नक्की झील के समीप स्थित गुफा,जहाँ,1981 में स्वामी विवेकानंद कुछ दिन रहे थे।

?रसिया बालम:-(कुँवारी कन्या का मंदिर)
आबू पर्वत पर देलवाड़ा जैन मंदिर के पीछे स्थित इस मंदिर में दो पाषाण मूर्तियां है।एक मूर्ति युवक की है जो हाथ में विष का प्याला लिए हुए है,इसके सामने दूसरी मूर्ति युवती की है। अपने प्रेम संबधों के कारण ये “रसिया एवं बालम”नाम से जाने जाते है।

?प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय

यहाँ देश का सबसे बड़ा सौर रसोईघर है।(स्थापना-1995 में जर्मन इंजीनियर गोलो पिल्स और वोल्फगैंग शेफलर द्वारा)
यहाँ रोज 30 हजार से अधिक लोगों का खाना बनता है।सौर रसोई के लिए 34 छतरिया सूर्य की बदलती स्थिति के साथ घूमती है।

?गुरु शिखर:-
संतो का शिखर:- कर्नल जेम्स टॉड ने गुरु शिखर को संतो का शिखर कहा।
✍:-राजस्थान एवं अरावली पर्वतमाला का सर्वोच्च शिखर जिसकी समुद्रतल से ऊँचाई 1722 मीटर(5650 फीट)है।
✍:-शिखर पर भगवान के अवतार गुरु दत्तात्रेय एवं शिव के मंदिर है
✍:-यहाँ बड़े आकार का प्राचीन घंटा भी है,जिस पर सन 1411 का लेख अंकित है।
✍:-समीपस्थ दूसरी चोटी पर दत्तात्रेय की माता का मंदिर है।
✍:-गुरु शिखर हिमालय एवं नीलगिरि पर्वतमालाओं के मध्य सबसे ऊँची चोटी है।
✍:-यही 14 वीं सदी के धर्म सुधारक स्वामी रामानंद के पद चिह् है।
✍:-गुरु शिखर के पास ही रडार लगे हुए है जो सेना की निगरानी में सुरक्षा व्यवस्था करते है।

?अम्बा देवी मंदिर
:-अम्बिका माताजी के मंदिर के रूप में प्रसिद्घ है।नवरात्री के अलावा हर पूर्णिमा को यहाँ मेला लगता है।गुजरात की कुल देवी के इसी मंदिर में श्री कृष्ण जी के बाल उतारे थे।मंदिर से कुछ दूर स्थित मानसरोवर नामक तालाब को सन 1545 ई. में राजा मालदेव ने बनवाया था।

?जैन मंदिर अचलगढ़
:-वि.स.1527 में स्थापित कुंथनाथ भगवान के मंदिर में अनेक धातु की मूर्तियां है। मंदिर में प्रतिष्टित मूर्तियां अलग-अलग समय की निर्मित है।

?शंकर मठ
:-आबू शहर के मुख्य बाज़ार के पास ही शिवलिंग के अनुरूप लाल पत्थर से बना शंकर मठ आबू पर्वत का एक धार्मिक स्थल है,उसके अंदर एक पहाड़ी की 35 टन वजनी व 52 फीट ऊँची शिला से बना शिवलिंग है।

?अरावली पर्वतमाला
?अरावली पर्वतमाला विश्व की प्राचीनतम पर्वत श्रखला है।
?अरावली पर्वतमाला उत्तर-पूर्व में दिल्ली से प्रारम्भ होकर दक्षिण-पश्चिम में गुजरात के पालनपुर(बनासकांठा)जिले के खेड़ब्रह्मा तक फैली हुई है।
?अरावली पर्वत की कुल लंबाई 692 किमी.है तथा राजस्थान में इसकी लंबाई 550 किमी.है।
?अरावली पर्वत का सर्वाधिक विस्तार उदयपुर जिले में व सबसे कम विस्तार अजमेर जिले में है।
?अरावली पर्वत की सबसे ऊंची चोटी सिरोही जिले में -1.गुरु शिखर 2.सेर हैं।
?अरावली पर्वत के पूर्व में राजस्थान के 21 जिले एवं पश्चिम में 12 जिले है।
?अरावली पर्वत माला 50 सेमी. महान भारतीय जल विभाजक रेखा का कार्य करती है।

✍महत्वपूर्ण तथ्य,स्थल
?????
?राजस्थान की पहली नगर पालिका की स्थापना-माउंट आबू(1864 में)
? राजस्थान का सर्वाधिक वर्षा वाला स्थान:-माउंट आबू(जबकी झालावाड़ सर्वाधिक वर्षा वाला जिला है)
?राजस्थान का प्रथम ईको फ्रेजाइल जोन:-माउंट आबू
?राजस्थान का सर्वाधिक आर्द्र स्थल:-नक्की झील
?राजस्थान मे चीकू उत्पादन में अग्रणी जिला:-सिरोही
?राजस्थान में  सर्वाधिक गरासिया जनजाति:-सिरोही जिले में पाई जाती है।

?सिरोही जिले का जिला पक्षी:-जंगली मुर्गा(राजस्थान में हर जिले का पशु/पक्षी जिला (मस्कट) है,देश में ऐसा करने वाला राजस्थान पहला राज्य है।
?सिरोही का माउंट आबू राजस्थान का एकमात्र नगर है,जो 1300 मीटर की ऊँचाई पर बसा हुआ है।
?सेब(apple)की खेती राजस्थान राज्य में सबसे पहले माउंट आबू में शुरू हुई।
?मालवी किस्म की कपास का सर्वाधिक उत्पादन राजस्थान राज्य में सिरोही करता है।
?माउंट आबू में एजेंट टू द गर्वनर(A.G.G.)का मुख्यालय रहा था।
?हाथल:-हाथल गांव में ब्रह्मा जी का 1350 वर्ष पुराना मंदिर स्थित है,वर्तमान में इसका जीर्णोद्वार चल रहा है।

?वालर नृत्य:-सिरोही व आबू क्षेत्र में गरासिया जनजाति द्वारा बिना किसी वाद्य यंत्र के किया जाने वाला नृत्य

?सरमीबाई:-आबू रोड(सिरोही)ब्लॉक के निचलागढ़ गांव की सरपंच सरमीबाई ने 7 नवम्बर 2010 को अमरीका के राष्ट्पति बराक ओबामा से मिलकर उन्हें अपनी चुनोतियाँ और सफलताओं की जानकारी प्रदान की।

?महाराजा सुरताण:-दत्ताणी स्थल(सिरोही) के महाराजा सुरताण ने मुग़ल शासक अकबर  की सेना:–((सेनापति-1.जगमाल मेवाड़,
2.कोली सिंह गुजरात
3.मारवाड़ का रायसिंह-राव चंद्र सेन का तीसरा पुत्र))  को 17 अक्टूबर,1583 को पराजित किया था।

?सिरोही की प्रमुख नदियाँ-
पश्चमी बनास,सुकड़ी,पोसालिया, किशनावती,खारी।

?सिरोही के प्रमुख बांध:-
भुला बांध,अंगोर बांध,नेवारा,ओरा टैंक।

?सिरोही के प्रसिद्ध मेले
?सारणेश्वर पशु मेला:-भाद्रपद शुक्ला चतुर्थी से Bदशमी तक आयोजित।
?सारणेश्वर महादेव मेला:-‘सिरोही जिले की सबसे रेबारी  जाति’ का यह मेला सारणेश्वर दुर्ग के भीतर भाद्रपद शुक्ल द्वादशी को आयोजित होता है।
?ऋषिकेश महादेव का मेला:-भाद्रपद शुक्ल एकादशी को आयोजित।
?नक्की झील मेला:-माउंट आबू में,वैशाखी पूर्णिमा को आयोजित।
?मारकंडेश्वर मेला:-गरासिया समुदाय का मेला जो अजारी गांव में भाद्रपद शुक्ल एकादशी एवं वैशाखी पूर्णिमा को भरता है।

?सिरोही के अन्य स्थल
?बसंतगढ़:-पिण्डवाड़ा रेलवे स्टेशन के पास अरावली पर्वतमाला की पहाड़ियों में निर्मित दुर्ग(निर्माता-महाराणा कुंभा)जो वर्तमान में खंडहर है।

?सारणेश्वर महादेव:-सिरोही से 3 किमी.दूर देवड़ा राजकुल का 15 वीं सदी में बनाया गया भव्य मंदिर जो दुर्ग के आकार का है। इसमें एक दूधिया तालाब है जिसके समीप सिरोही राजघराने की छतरियां है।

?डेरासरी:-सरनवा पहाड़ियों के समीप,चौदह जैन मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है।

?वासा:-12 वीं सदी का प्रसिद्ध सूर्य मंदिर,इसके समीप ही ऋषि जमदग्नि की तपोभूमि है।(एक और प्राचीन सूर्य मंदिर रेवदर तहसील के वरमान गांव मे भी है।)

?अजारी:-मार्कण्डेय ऋषि की तपोभूमि के रूप में प्रसिद्ध,पिण्डवाड़ा के समीप एक पिकनिक स्थल।

?रोहिड़ा:-पुरातत्व महत्व के तीन मंदिर है-विष्णु,राजेश्वर महादेव एवं लक्ष्मी नारायण ।

?अन्य-प्रमुख ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक स्थल
?जल देवी माताजी मंदिर;- (उड)
?खैतलाजी महाराज मदिंर:- (उड)
?खिमज माता जी मदिंर ;-(उड)
?सच्चियाव माताजी मंदिर:- (जावाल)
?कर्णेश्वर महादेवजी मंदिर:- (मंडवाड़ा)
?मल्लेशवर महादेव मन्दिरश्री वाराही माताजी मंदिर:- पालड़ी(R)
?मातर माताजी मंदिरवोवेश्वर महादेव:-(झाड़ौली-वीर)
?लीलाधारी महादेव ,:- मंडार
?रामचंद्र जी मंदिर:-कुसमा
?जागॆश़वर महादॆव मदिंर, हरणी-: दाॅतराई
?वाणगंगा धाम :-वासाडा
?देवरानी-जेठानी का मंदिर:- सिरोही
?राज्य का एकमात्र जिला  जिसका वर्ष 2001 में लिंगानुपात उसके वर्ष 1991 के लिंगानुपात से कम रहा:-सिरोही
?भाकर:-सिरोही जिले में अरावली पर्वत के तीव्र एवं उबड़-खाबड़ ढालों को भाकर कहा जाता है।

?गोकुल भाई भट्ट
:-स्वतन्त्रता के सेनानायक व समाज सेवक
?:-उप नाम-राजस्थान का गांधी
?जन्म:-19 फरवरी,1898 हाथल गांव(सिरोही)
?मृत्यु-6अक्टूबर,1986
?पुरस्कार:-पदमभूषण(1971)
?1947 में सिरोही राज्य प्रथम प्रधानमंत्री बने।


?सिरोही की तलवार:-
सिरोही- सिर और ओही का मतलब है सिर काटने कि हिम्मत रखने वाले। गुजराती के महान लेखक झवेरचन्द मेघाणी ने अपनी किताब सोराष्ट्र नी रसधारमें लिखा है सिरोही की तलवार और लाहौर कि कटार। कहते हैं कि सिरोही में ऐसी तलवार बनती थी जिसको पानी के प्रपात से तलवार को धार दी जाती थी। आज भी सिरोही कि तलवार प्रसिद्ध है।
???????

सिरोही शूरो रो बेसणो
धरती मरुधर धाम
अकबर खुद परखण ने आयो
सुन मान सिंह रो नाम

झाली रानी ने छुड़ा कर लाया
घुस अंदर अकबर रे धाम
मान सिंह राजा रो इतिहास में
अमर वे गियो नाम

सिरोही री तलवार रो
जग चावो हे इतिहास
आबू री शोभा अटे
माँ अर्बुदा राखे लाज

बलहठ बंका देवड़ा
संग जागीदार सरदार
सिरोही शूरो रो बेसणो
जय सारणेश्वर सरकार

रमेश डामोर 

सिरोही

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.